मंत्री Radha Krishna Kishore ने बैंकों को दिया निर्देश, झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर दें जोर

मंत्री Radha Krishna Kishore ने बैंकों को दिया निर्देश

मंत्री Radha Krishna Kishore ने बैंकों को दिया निर्देश

रांची : झारखंड के वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

22 मार्च 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 94वीं त्रैमासिक बैठक में Radha Krishna Kishore मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह बैठक रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित की गई, जिसमें वित्त विभाग के अधिकारियों, Reserve Bank of India, नाबार्ड तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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CD Ratio में सुधार, लेकिन कई जिलों में स्थिति चिंताजनक

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो 52.28% से बढ़कर 53.63% हो गया है, जिसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, Radha Krishna Kishore ने चिंता जताई कि राज्य के 24 जिलों में से 6 जिलों का CD Ratio अभी भी 40% से कम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए।

किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस

Radha Krishna Kishore ने कहा कि समावेशी विकास के तहत बैंकों को किसानों, लघु उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े युवाओं को ऋण देने में प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और कृषि क्षेत्र में ऋण उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में यह भी बताया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत 5,872 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें से 868 आवेदन अभी लंबित हैं। वित्त मंत्री ने इन लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए।

बैंकिंग प्रदर्शन और आंकड़े

राज्य में 31 दिसंबर 2025 तक बैंकों की कुल जमा राशि 3,87,390 करोड़ रुपये रही, जबकि कुल ऋण वितरण 1,89,972 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। राज्य का CD Ratio 53.63% और राष्ट्रीय औसत 78% बताया गया।

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कृषि क्षेत्र में लक्ष्य से पीछे बैंक

बैठक में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि क्षेत्र में बैंकों के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए 35,822 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अब तक केवल 11,856 करोड़ रुपये का ही ऋण वितरण हो पाया है, जो लक्ष्य का लगभग 33% है।

वित्त मंत्री के निर्देश

Radha Krishna Kishore ने निर्देश दिया कि:

  • कॉलेजों में लोन कैंप आयोजित कर युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाए
  • विभिन्न विभागों और बैंकों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए
  • पशुपालन, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्योगों में ऋण उपलब्धता बढ़ाई जाए

उन्होंने कहा कि यदि बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं, तो झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।