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रांची के ओरिएंट क्राफ्ट कपड़ा कंपनी में मजदूरों का भारी हंगामा

Ranchi News : रांची के ओरिएंट क्राफ्ट कपड़ा कंपनी में मजदूरों का भारी हंगामा, खेलगांव-टाटीसिलवे रोड घंटों रहा जाम

Ranchi News Today : झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मंगलवार को रांची के खेलगांव स्थित प्रसिद्ध कपड़ा निर्माण कंपनी ‘ओरिएंट क्राफ्ट’ (Orient Craft) के हजारों मजदूरों ने अपने हक के लिए सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने से नाराज मजदूरों ने न केवल काम ठप किया, बल्कि खेलगांव-टाटीसिलवे मुख्य मार्ग को भी पूरी तरह जाम कर दिया।

इस प्रदर्शन के कारण राजधानी की यातायात व्यवस्था घंटों चरमराई रही। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है और मजदूरों की मांगें क्या हैं।

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वेतन भुगतान में देरी बना विवाद का मुख्य कारण

Ranchi News के अनुसार, खेलगांव इलाके में स्थित ओरिएंट क्राफ्ट गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले लगभग 1,000 से अधिक मजदूरों (जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं) ने मंगलवार सुबह से ही मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन पिछले दो-तीन महीनों से उनके वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है।

मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें फरवरी और मार्च महीने की सैलरी अभी तक नहीं मिली है। त्योहारों और दैनिक जरूरतों के इस दौर में वेतन न मिलने से उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, मकान का किराया और राशन जैसे मूलभूत खर्चों के लिए उन्हें दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा है।

खेलगांव-टाटीसिलवे मुख्य मार्ग पर लगा लंबा जाम

नाराज मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी के गेट से निकलकर खेलगांव-टाटीसिलवे मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रांची न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह जाम करीब चार घंटे तक लगा रहा।

स्कूली बसें, एम्बुलेंस और कार्यालय जाने वाले लोग इस जाम में फंसे रहे। पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूरों का गुस्सा इतना अधिक था कि वे किसी भी वाहन को आगे नहीं जाने दे रहे थे।

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कंपनी प्रबंधन का पक्ष : वैश्विक संकट का हवाला

जब यह मामला तूल पकड़ने लगा, तो ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी के एचआर जनरल मैनेजर रवि भूषण ने मीडिया से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वेतन भुगतान में देरी हुई है। प्रबंधन के अनुसार, इस देरी का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक मंदी और गारमेंट एक्सपोर्ट (निर्यात) में आई भारी गिरावट है।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक बाजार में कपड़ों की मांग कम होने की वजह से कंपनी को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कंपनी जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।

पुलिस और प्रशासन का हस्तक्षेप

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खेलगांव थाना प्रभारी अभिषेक राय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच मध्यस्थता की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रबंधन ने लिखित या मौखिक रूप से यह आश्वासन दिया कि अगले सोमवार तक सभी मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।

पुलिस के हस्तक्षेप और भुगतान के ठोस आश्वासन के बाद मजदूरों ने सड़क से जाम हटाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।

मजदूरों की दयनीय स्थिति और भविष्य की चिंता

इस पूरे Ranchi News अपडेट में सबसे महत्वपूर्ण पहलू उन हजारों महिला श्रमिकों का है, जो दूर-दराज के इलाकों से आकर यहां काम करती हैं। ओरिएंट क्राफ्ट में लगभग 2,400 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। वेतन न मिलने से उनके सामने न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक तनाव की स्थिति भी पैदा हो गई है।

मजदूरों का कहना है कि अगर सोमवार तक पैसा नहीं मिला, तो वे एक बार फिर उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। उनका तर्क है कि काम के बदले दाम उनका अधिकार है और इसे वैश्विक संकट का बहाना बनाकर रोका नहीं जा सकता।

निष्कर्ष

रांची के खेलगांव इलाके में हुआ यह प्रदर्शन औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त असंतोष को दर्शाता है। एक तरफ जहां कंपनियां वैश्विक कारणों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ गरीब मजदूरों के लिए एक-एक दिन का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभाए ताकि मजदूरों का शोषण न हो और यातायात जैसी सार्वजनिक व्यवस्थाएं भी प्रभावित न हों।