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मरीजों के लिए खुली रहेंगी दवा दुकानें, ABPA का बड़ा फैसला

Garhwa News : “दवा भी, सेवा भी, जिम्मेदारी भी”, मरीजों के लिए नियमित जारी रहेंगी मेडिकल सेवाएं, ABPA गढ़वा का बड़ा फैसला

गढ़वा : आम जनता की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन (ABPA) गढ़वा इकाई ने एक बड़ा और सराहनीय निर्णय लिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिले में आम जनता के लिए मेडिकल सेवाएं नियमित रूप से जारी रहेंगी। एबीपीए का मानना है कि मरीजों की सेवा ही सर्वोपरि है और किसी भी परिस्थिति में दवा की उपलब्धता बाधित नहीं होनी चाहिए।

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फार्मासिस्ट केवल विक्रेता नहीं, स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत कड़ी : शशि यादव

एसोसिएशन के जिला कोषाध्यक्ष शशि यादव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा विक्रेता नहीं हैं, बल्कि वे समाज सेवा और स्वास्थ्य सुरक्षा की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि :

  • आपातकालीन जरूरतमंद लोगों, मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को दवा व उपचार में कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
  • गंभीर परिस्थितियों में भी मेडिकल स्टोर चौबीसों घंटे सेवा के लिए तत्पर रहेंगे।
  • जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में फार्मासिस्ट अपनी पूरी भूमिका निभाएंगे।

ऑनलाइन दवा बिक्री पर जताई चिंता, सरकार से की सख्त नियम बनाने की मांग

गढ़वा की इस बैठक में ऑनलाइन दवा बिक्री (Online Medicine Delivery) में बढ़ती अनियमितताओं पर गहरा रोष और चिंता व्यक्त की गई। शशि यादव ने कहा कि बिना किसी उचित नियंत्रण और गाइडलाइन के धड़ल्ले से हो रही ऑनलाइन दवा सप्लाई से नकली एवं अवैध दवाओं का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। यह सीधे तौर पर मरीजों के स्वास्थ्य और उनकी जान के साथ खिलवाड़ है।

संगठन की प्रमुख मांगें :

  1. सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री हेतु तुरंत सख्त नियम और मजबूत नियंत्रण प्रणाली लागू करे।
  2. हर तरह के दवा वितरण (चाहे ऑफलाइन हो या ऑनलाइन) में एक पंजीकृत फार्मासिस्ट (Registered Pharmacist) की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

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फार्मासिस्टों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प

श्री यादव ने साफ तौर पर कहा कि ABPA फार्मासिस्टों के अधिकारों की रक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षित और सुलभ दवा पहुंचाने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।
गढ़वा से जारी इस संदेश के अंत में उन्होंने संगठन के मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा:

“दवा भी, सेवा भी, जिम्मेदारी भी — यही है हमारा संकल्प।”

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