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राज्य में बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र CM हेमन्त सोरेन ने दिए निर्देश

Jharkhand News : राज्य में बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र CM हेमन्त सोरेन ने दिए निर्देश

Jharkhand News : खाद्य वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर, हेमन्त सोरेन ने दाल-भात केंद्र बढ़ाने के दिए निर्देश

रांची : मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभाग की वर्तमान योजनाओं, वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने विभागीय कार्यों में आधुनिक तकनीक और नवाचार के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से योजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता लाई जा सकती है।

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जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राशन कार्ड वितरण, खाद्यान्न आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण और विभाग की अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की समयबद्ध और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए तथा नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए।

खाद्यान्न वितरण में तकनीक का बढ़ेगा उपयोग

हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को खाद्यान्न वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा लाभुकों को योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।

शहरी श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र

मुख्यमंत्री ने दाल-भात योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में 370 दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां मात्र 5 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए दाल-भात केंद्र स्थापित किए जाएं।

उन्होंने मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित करने का भी सुझाव दिया ताकि जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

पीवीटीजी परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने पर विशेष जोर

विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के सभी परिवारों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

धान अधिप्राप्ति और किसानों को भुगतान की समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने धान अधिप्राप्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। जानकारी दी गई कि 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले राज्य में 49.25 लाख क्विंटल धान की खरीद की गई है।

मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से बातचीत कर धान बिक्री और भुगतान की जानकारी ली। किसान ने बताया कि उन्होंने पैक्स के माध्यम से 160 क्विंटल धान बेचा था और उसका भुगतान उन्हें एक ही दिन में प्राप्त हो गया।

गोदामों के रखरखाव और नई योजनाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत और नए गोदाम निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अनाज के सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक में सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Medifirst