Tata Power: पहली तिमाही में 11% बढ़ा मुनाफा, रिकॉर्ड कैपेक्स के साथ नवीकरणीय ऊर्जा पर कंपनी का बड़ा फोकस
Table of Contents
- Tata Power की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन
- रिकॉर्ड 5,375 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश
- नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार बना ग्रोथ का प्रमुख आधार
- ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और रूफटॉप सोलर से मजबूत कमाई
- भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं पर तेज़ी से काम
- कंपनी प्रबंधन ने जताया दीर्घकालिक विकास का भरोसा
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Tata Power: पहली तिमाही में मजबूत नतीजे
देश की प्रमुख बिजली एवं ऊर्जा कंपनी Tata Power ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने इस अवधि में लाभ, राजस्व और परिचालन आय तीनों मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन किया। साथ ही, भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड स्तर का पूंजी निवेश (Capex) भी किया गया, जिससे कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के तिमाही नतीजों के अनुसार शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 1,401 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1,262 करोड़ रुपये था। वहीं, कुल राजस्व भी 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 18,898 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी का EBITDA भी 8 प्रतिशत बढ़कर 4,249 करोड़ रुपये रहा, जो परिचालन प्रदर्शन में निरंतर सुधार का संकेत देता है।
Tata Power: रिकॉर्ड 5,375 करोड़ रुपये का Capex
पहली तिमाही के दौरान Tata Power ने 5,375 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया, जो कंपनी के इतिहास में किसी एक तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।
यह निवेश मुख्य रूप से स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार, बैटरी ऊर्जा भंडारण (Battery Storage) और अन्य आधुनिक ऊर्जा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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Tata Power: नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार बना सबसे मजबूत स्तंभ
कंपनी के Renewable Energy Segment ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस कारोबार से मिलने वाला शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत बढ़कर 612 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इसके अलावा कंपनी की सोलर सेल एवं सोलर मॉड्यूल निर्माण इकाई ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। इस कारोबार का लाभ लगभग चार गुना बढ़कर 371 करोड़ रुपये हो गया। इससे स्पष्ट है कि घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है और Tata Power इसका लाभ उठा रही है।
रूफटॉप सोलर सेगमेंट भी कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख आधार बना रहा। पहली तिमाही में Tata Power ने 371 मेगावाट नई रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की। इसके साथ ही कंपनी की कुल स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 5.2 गीगावाट तक पहुंच गई है।
Tata Power:ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से भी मिला मजबूत समर्थन
कंपनी के ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) कारोबार ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। इस खंड से 492 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया।
वहीं, ओडिशा में संचालित बिजली वितरण कंपनियों ने 111 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। इसके साथ ही Tata Power ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। कंपनी ओडिशा में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत उपभोक्ताओं वाली देश की पहली निजी बिजली वितरण कंपनी बन गई है। यह उपलब्धि कंपनी की वितरण क्षमता और उपभोक्ता आधार के निरंतर विस्तार को दर्शाती है।
Tata Power: स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का तेजी से विस्तार
पहली तिमाही के अंत तक Tata Power का कुल नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो बढ़कर 12 गीगावाट हो गया है। इसके अतिरिक्त 5.3 गीगावाट क्षमता की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
कंपनी महाराष्ट्र के भिवपुरी में Pumped Hydro Storage Project, कर्नाटक में नई ट्रांसमिशन परियोजनाओं तथा भूटान की जलविद्युत परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से भविष्य में बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलेगी।
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Tata Power: प्रबंधन ने जताया भविष्य को लेकर भरोसा
Tata Power के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य देशभर में चौबीसों घंटे स्वच्छ, भरोसेमंद और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और पंप्ड स्टोरेज जैसी आधुनिक परियोजनाओं में लगातार किया जा रहा निवेश केवल वर्तमान जरूरतों को ही पूरा नहीं करेगा, बल्कि भविष्य की ऊर्जा मांग को भी ध्यान में रखकर कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति को मजबूत बनाएगा।
निष्कर्ष
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे यह संकेत देते हैं कि Tata Power केवल वित्तीय प्रदर्शन में ही नहीं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी लगातार निवेश कर रही है। रिकॉर्ड कैपेक्स, बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो, मजबूत ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार और रूफटॉप सोलर में विस्तार कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में Tata Power भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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Content Edited & Published By
Niraj Kumar Sharma