Jharkhand Budget 2026 विधानसभा में पेश कर दिया गया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का ‘अबुआ दिशोम’ बजट प्रस्तुत किया, जिसमें युवा, महिला और किसानों को केंद्र में रखा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आवास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।
Jharkhand Budget 2026 में महिला सशक्तिकरण पर खास ध्यान दिया गया है।
महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह सहायता हेतु 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान।
जेंडर बजट के तहत 232 योजनाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये आवंटित।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
750 अबुआ दवाखाना खोले जाएंगे, जहां सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी।
5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET और CT स्कैन मशीनें लगाई जाएंगी।
24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन स्थापित की जाएंगी।
सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये का प्रावधान, जिससे लगभग 34 लाख लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।
आवास और बुनियादी ढांचा
अबुआ आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता से तीन कमरों का पक्का मकान, इसके लिए 4,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
785 किलोमीटर नए सड़कों का उन्नयन और 35 फ्लाईओवर तथा ROB का निर्माण।
घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रति माह मुफ्त बिजली जारी रखने के लिए 5,405 करोड़ रुपये का प्रावधान।
केंद्र पर बकाया राशि का मुद्दा
Jharkhand Budget 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों में 5 हजार करोड़ और अनुदान के 11 हजार करोड़ रुपये अभी तक लंबित हैं।
इसके अलावा GST दर युक्तिकरण से राज्य को प्रतिवर्ष 4 हजार करोड़ रुपये की क्षति हो रही है। मनरेगा के परिवर्तित स्वरूप VB-G RAM G योजना में 60:40 के बंटवारे से राज्य पर 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि कोल कंपनियों के पास झारखंड की 1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि अब तक नहीं मिली है।
निष्कर्ष
Jharkhand Budget 2026 को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास पर केंद्रित बजट के रूप में देखा जा रहा है। 100 उत्कृष्ट विद्यालय, 750 अबुआ दवाखाना और किसानों के लिए बढ़ा प्रावधान इस बजट की प्रमुख घोषणाएं हैं। हालांकि, केंद्र से वित्तीय सहयोग और बकाया राशि का मुद्दा भी इस बजट चर्चा का अहम हिस्सा रहा।