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रांची : Jharkhand में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ अब व्यापक और तकनीक आधारित अभियान की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने अफीम प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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राज्य के रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जिलों में अफीम की खेती पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट इमेज का उपयोग किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पहले कार्रवाई हो चुकी है और जहां अब तक नहीं हुई है, वहां भी तकनीक के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अफीम तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बड़े अपराधियों पर पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई होगी और मामलों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
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अवैध खेती वाले क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, मजबूत साक्ष्य जुटाने और समय पर चार्जशीट दाखिल करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार किसानों को अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। इसके लिए उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर गांव स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग इस अवैध गतिविधि से दूर रहें।
जिला स्तर पर नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन बैठकों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। डीजीपी ने साफ कहा कि राज्य में अफीम की खेती और उससे जुड़े तस्करी नेटवर्क को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Jharkhand News के तहत यह कदम राज्य में नशा और अवैध खेती पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। तकनीक, सख्त कानून और जागरूकता के संयोजन से सरकार इस समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
