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Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के बालू ठेकेदारों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब ठेकेदारों को रॉयल्टी का भुगतान एकमुश्त करने की बाध्यता नहीं होगी, बल्कि वे इसे तीन आसान किश्तों में जमा कर सकेंगे। सरकार का यह निर्णय न केवल ठेकेदारों को वित्तीय दबाव से राहत देगा, बल्कि बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया को भी अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाएगा।
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झारखंड में बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया हर साल होती है और हाल के वर्षों में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों के लिए एकमुश्त रॉयल्टी भुगतान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि अगर भुगतान की शर्तें आसान होंगी, तो ज्यादा संख्या में ठेकेदार नीलामी प्रक्रिया में भाग लेंगे। इससे न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि राज्य के राजस्व में भी इजाफा होगा।
नई नीति के अनुसार, ठेकेदारों को रॉयल्टी की राशि तीन चरणों में जमा करनी होगी:
पहली किश्त का भुगतान ठेकेदारों को पहले वर्ष में, बालू उठाव के लिए परमिट जारी होने के साथ ही करना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार को शुरुआती राजस्व समय पर प्राप्त हो सके।
दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए भुगतान की समयसीमा भी स्पष्ट कर दी गई है:
भुगतान की प्रक्रिया चेक के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

खान एवं भू-तत्व विभाग ने इस नई व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। संभावना है कि इसे जल्द ही कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह नियम राज्य के सभी लघु खनिज ठेकेदारों पर लागू होगा, न कि केवल बालू ठेकेदारों पर।
हालांकि सरकार ने रॉयल्टी भुगतान में राहत दी है, लेकिन कुछ शुल्क ऐसे हैं जिनमें कोई छूट नहीं दी जाएगी। इनमें शामिल हैं:
इन सभी का भुगतान ठेकेदारों को पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार करना ही होगा।
सरकार ने भुगतान में देरी को लेकर सख्त नियम भी बनाए हैं। यदि कोई ठेकेदार तय समय पर किश्त जमा नहीं करता है, तो उसे जुर्माना देना होगा।
यह प्रावधान सुनिश्चित करेगा कि ठेकेदार समय पर भुगतान करें और सरकारी राजस्व प्रभावित न हो।
इस नई व्यवस्था से ठेकेदारों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी, जिससे वे बिना अधिक वित्तीय दबाव के अपने व्यवसाय को संचालित कर सकेंगे। वहीं सरकार को भी इसका लाभ मिलेगा क्योंकि अधिक भागीदारी से नीलामी प्रक्रिया सफल होगी और राजस्व बढ़ेगा।
इसके अलावा, यह कदम राज्य में खनन क्षेत्र को संगठित और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Jharkhand News के अनुसार, झारखंड सरकार का यह निर्णय ठेकेदारों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। तीन किश्तों में रॉयल्टी भुगतान की सुविधा से न केवल व्यापार आसान होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब सभी की नजर कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद यह नई व्यवस्था लागू हो सकती है।


Bystander (Mukdarshak) In Dis Very World Of Showboat. Worked 4 #RajyaSabhaTV, #VirArjun ETC. Director- Auros MediaTech Convergence Private Limited.