Jharkhand PDS News: अब सरकारी राशन में मिलेगा बेहतर चावल, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
Jharkhand PDS News के तहत राशन कार्ड धारकों के लिए एक राहत भरी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत वितरित होने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सुधारात्मक कदम उठाया है। इस फैसले का सीधा लाभ झारखंड सहित पूरे देश के 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने यह अहम निर्णय लिया है कि अब सरकारी राशन की दुकानों पर दिए जाने वाले चावल में टूटे दानों (Broken Rice) की मात्रा को पहले की तुलना में काफी कम कर दिया जाएगा। यह फैसला लगभग तीन दशकों बाद राशन चावल की गुणवत्ता मानकों में किया गया सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।
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Jharkhand PDS News: 30 साल बाद बदले चावल के गुणवत्ता मानक
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री Prahlad Joshi ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के अंतर्गत वितरित होने वाले चावल के गुणवत्ता मानकों में व्यापक बदलाव किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक और अच्छी गुणवत्ता का अनाज मिले।
सरकार का मानना है कि PDS केवल मात्रा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत यह फैसला लिया गया है।
Jharkhand PDS News: क्या बदला और कितना बदला? जानिए पूरा विवरण
सरकार ने कच्चे और उबले दोनों तरह के चावल में टूटे दानों की सीमा को सख्ती से निर्धारित किया है:
- कच्चा चावल (Raw Rice):
पहले इसमें 25 प्रतिशत तक टूटे चावल की अनुमति थी, जिसे अब घटाकर केवल 10 प्रतिशत कर दिया गया है। - उबला चावल (Parboiled Rice):
पहले 16 प्रतिशत तक टूटे चावल की सीमा थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस बदलाव के बाद सरकारी राशन दुकानों पर मिलने वाला चावल पहले से कहीं अधिक साफ, मजबूत और पकाने में बेहतर होगा।
Jharkhand PDS News: टूटे चावल का क्या होगा? सरकार ने दी स्पष्टता
इस फैसले के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि छंटनी के दौरान जो टूटे चावल निकलेंगे, उनका उपयोग कैसे किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, किसानों से खरीदे गए एक-एक दाने का सही और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
- बेहतर गुणवत्ता वाला साबुत चावल लाभार्थियों को वितरित किया जाएगा
- टूटे हुए चावल का उपयोग इथेनॉल उत्पादन (Biofuel) और पशु आहार के रूप में किया जाएगा
इससे न केवल अनाज की बर्बादी रुकेगी, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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Jharkhand PDS News:मुफ्त राशन योजना जारी रहेगी, मात्रा में कोई कटौती नहीं
Jharkhand PDS News से जुड़ी इस अहम जानकारी में यह स्पष्ट किया गया है कि इस बदलाव से राशन की मात्रा या लाभार्थियों के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार पहले की तरह ही पात्र परिवारों को मुफ्त राशन देती रहेगी।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत:
प्रत्येक लाभार्थी को 5 किलो अनाज प्रति माह - अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत:
सबसे गरीब परिवारों को 35 किलो अनाज प्रति परिवार प्रति माह
अनाज की खरीद और वितरण की जिम्मेदारी Food Corporation of India (FCI) द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाती है।
Jharkhand PDS News:पारदर्शिता के लिए QR कोड आधारित निगरानी
सरकार ने इस नई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए QR-कोड आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने का भी फैसला किया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सही गुणवत्ता का अनाज सही लाभार्थी तक पहुंचे।
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Jharkhand PDS News:Money9live: एक भरोसेमंद स्रोत
इस खबर से जुड़ी जानकारी Money9live जैसी भरोसेमंद और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, जो आर्थिक और सरकारी नीतियों से जुड़ी सटीक और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।
Jharkhand PDS News:निष्कर्ष
Jharkhand PDS News के तहत केंद्र सरकार का यह फैसला गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत है। अब न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होगी। यह कदम सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें कल्याण योजनाओं को सम्मान और गुणवत्ता के साथ लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
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Content writer by
Niraj kr. sharma
Bystander (Mukdarshak) In Dis Very World Of Showboat. Worked 4 #RajyaSabhaTV, #VirArjun ETC. Director- Auros MediaTech Convergence Private Limited.