Palamu News : इस वर्ष भी मेदिनीनगर नगर निगमवासियों को नहीं मिलेगा सेकेंड फेज पाइपलाइन से पानी, आशीष भारद्वाज ने जताया रोष

Medininagar सहित पूरे Palamu जिले में पेयजल संकट

Medininagar सहित पूरे Palamu जिले में पेयजल संकट

वर्षों से पेयजल संकट झेल रहा मेदिनीनगर

Medininagar सहित पूरे Palamu जिले में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। गर्मी शुरू होते ही नगर निगम क्षेत्र के कई मोहल्लों में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कई इलाकों के लोग गर्मियों में घर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इसी मुद्दे को लेकर लगातार मुखर रहने वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता आशीष भारद्वाज ने सेकेंड फेज पाइपलाइन योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई है।

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कंपनी कार्यालय पहुंचकर ली योजना की जानकारी

पेयजल संकट के समाधान के लिए पूर्व में 47-48 डिग्री तापमान में “पानी यात्रा” निकाल चुके आशीष भारद्वाज ने सेकेंड फेज पाइपलाइन योजना का कार्य कर रही कंपनी आरके इंजीनियरिंग एंड सेल्स लिमिटेड के हाउसिंग कॉलोनी स्थित कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने योजना की वर्तमान स्थिति और कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

आशीष भारद्वाज ने कहा कि मेदिनीनगर शहर तीन तरफ से नदियों से घिरा होने के बावजूद हर वर्ष लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने इसके लिए जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया।

“सिर्फ बयानबाजी हुई, समाधान नहीं”

आशीष भारद्वाज ने कहा कि पेयजल संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर अब तक केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानबाजी हुई है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सेकेंड फेज पाइपलाइन योजना शहर की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, लेकिन यह योजना भी अब सुस्त रफ्तार का शिकार हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि करीब 172 करोड़ रुपये की इस योजना का कार्य “पानी यात्रा” आंदोलन के बाद शुरू हुआ था, लेकिन आज भी यह पूरी तरह अधर में लटका हुआ है।

इस वर्ष भी पाइपलाइन से पानी मिलने की उम्मीद नहीं

आरके इंजीनियरिंग एंड सेल्स लिमिटेड के अधिकारियों ने आशीष भारद्वाज को बताया कि पाइप और विभिन्न विभागों से एनओसी नहीं मिलने के कारण इस वर्ष भी शहरवासियों को पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा।

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रंजीत कुमार ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन, नगर निगम बोर्ड और संबंधित विभागों को पहले ही अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

476 किमी पाइपलाइन की जरूरत, टेंडर हुआ सिर्फ 212 किमी का

जानकारी के अनुसार, पूरे नगर निगम क्षेत्र में कुल 476 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की आवश्यकता है, जिसका डीपीआर भी तैयार है। लेकिन फिलहाल केवल 212 किलोमीटर पाइपलाइन का ही टेंडर हुआ है।

इसके अलावा एनएचएआई, रेलवे, आरसीडी, पीडब्ल्यूडी और खासमहल विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण कार्य बाधित हो रहा है। वहीं नगर निगम अब तक ईएसआर-4 टंकी निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध नहीं करा पाया है।

“जनप्रतिनिधि जवाब दें” – आशीष भारद्वाज

आशीष भारद्वाज ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर को 476 किलोमीटर पाइपलाइन की जरूरत है, तो केवल 212 किलोमीटर पाइपलाइन पर ही संतोष क्यों किया गया। उन्होंने पूछा कि शेष 264 किलोमीटर पाइपलाइन के लिए सरकार से अब तक मांग क्यों नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित एजेंसियां योजना को धरातल पर उतारने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि या तो जनप्रतिनिधियों को योजना की समझ नहीं है या फिर वे जनता को केवल पानी के नाम पर गुमराह कर रहे हैं।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

आशीष भारद्वाज ने कहा कि यदि जल्द ही इस योजना में तेजी नहीं लाई गई और शहरवासियों को पेयजल संकट से राहत नहीं मिली, तो वे फिर से “पानी यात्रा” की तरह बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही सभी सक्षम अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

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