Godda News : गोड्डा सदर अस्पताल के गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म, धूप में तड़पती रही प्रसूता
गोड्डा : झारखंड के गोड्डा सदर अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। Godda News के अनुसार रविवार को एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ही नवजात को जन्म दे दिया। हैरानी की बात यह रही कि प्रसव के बाद महिला और नवजात करीब 15 से 20 मिनट तक तेज धूप और उमस के बीच जमीन पर पड़े रहे, लेकिन अस्पताल कर्मियों की ओर से तत्काल कोई मदद नहीं पहुंची।
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अस्पताल कर्मियों की संवेदनहीनता पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वहां मौजूद महिलाओं ने अस्पताल स्टाफ से महिला स्वास्थ्यकर्मी को बुलाने की कई बार गुहार लगाई, लेकिन काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा। यहां तक कि इमरजेंसी वार्ड में सूचना देने के बावजूद भी स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं आए।
इस दौरान जच्चा और बच्चा दोनों अस्पताल गेट के पास खुले में पड़े रहे। बाद में करीब 20 मिनट के बाद एक महिला स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित उठाकर प्रसूता को गार्ड की मदद से व्हीलचेयर पर लेबर वार्ड तक पहुंचाया गया।
लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर जताया आक्रोश
घटना को देखकर मौजूद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे अमानवीय बताया। कई लोगों ने पूरे मामले को सोशल मीडिया पर वायरल करने की चेतावनी भी दी।
हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और लेबर वार्ड में मां और नवजात दोनों का इलाज शुरू किया गया। फिलहाल दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
घर में पुरुष सदस्य नहीं होने से बढ़ी परेशानी
प्रसूता गोड्डा जिले के कुरमन गांव की रहने वाली बताई जा रही है, जो जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर है। परिवार की महिलाओं ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद गांव की सहिया को सूचना दी गई थी, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंची।
घर में उस समय कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके कारण महिलाओं ने जल्दबाजी में ऑटो कर अस्पताल पहुंचने का फैसला लिया। अस्पताल पहुंचते ही महिला ने ऑटो से उतरने के दौरान बच्चे को जन्म दे दिया।
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गांवों में संस्थागत प्रसव व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को भी उजागर करती है। सरकार की ओर से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के कई दावे किए जाते हैं, लेकिन गांवों के उपस्वास्थ्य केंद्रों में अब भी जरूरी संसाधनों और सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
कई उपस्वास्थ्य केंद्रों में न तो पर्याप्त उपकरण हैं और न ही प्रसव के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध हैं। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं को मजबूरी में जिला अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
Bystander (Mukdarshak) In Dis Very World Of Showboat. Worked 4 #RajyaSabhaTV, #VirArjun ETC. Director- Auros MediaTech Convergence Private Limited.