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Sita Soren ने दुमका सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

Sita Soren ने दुमका सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा- “मरीजों का हाल बेहाल” वर्षों से बंद पड़ी हुई हैं कई जरूरी सेवाएं

दुमका : झारखंड की पूर्व विधायक Sita Soren ने दुमका सदर अस्पताल (पीजेएमसीएच) का औचक निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। Sita Soren ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि अस्पताल में मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है और कई जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं वर्षों से बंद पड़ी हुई हैं। उनके इस बयान के बाद दुमका की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

Sita Soren ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अस्पताल के ओपीडी में मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान मरीजों ने इलाज, जांच और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी परेशानियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव दिखाई दिया और मरीज काफी परेशान नजर आए।

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Sita Soren बोलीं- “इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा”

पूर्व विधायक Sita Soren ने कहा कि दुमका सदर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को इलाज के लिए पश्चिम बंगाल, रांची और धनबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से गरीब और ग्रामीण मरीजों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई महत्वपूर्ण जांच सेवाएं सही तरीके से संचालित नहीं हो रही हैं। खासकर अल्ट्रासाउंड सुविधा वर्षों से बंद पड़ी होने का मुद्दा उन्होंने प्रमुखता से उठाया। Sita Soren के अनुसार, अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधा बंद रहने से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल अधीक्षक से की मुलाकात

Sita Soren ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक से भी मुलाकात की और मरीजों की समस्याओं को उनके सामने रखा। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि दुमका जैसे बड़े क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि जिला अस्पतालों की स्थिति मजबूत नहीं होगी तो ग्रामीण इलाकों के लोगों को लगातार दूसरे राज्यों और शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ेगा।

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स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल

Sita Soren के बयान के बाद एक बार फिर झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहस तेज हो गई है। दुमका और आसपास के क्षेत्रों से पहले भी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, जांच मशीनों के खराब रहने और इलाज में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। वहीं गंभीर मरीजों को रांची या दूसरे राज्यों में रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में जिला स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग लगातार उठती रही है।

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Sita Soren का सोशल मीडिया पोस्ट बना चर्चा का विषय

Sita Soren का यह फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों ने उनके निरीक्षण को सही कदम बताते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में अहम विषय बन सकता है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है।

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की मांग

दुमका सदर अस्पताल को संथाल परगना क्षेत्र का महत्वपूर्ण सरकारी अस्पताल माना जाता है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

Sita Soren ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके।

Medifirst