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खलारी की बंद खदान में बड़ा हादसा

Jharkhand News : खलारी की बंद खदान में बड़ा हादसा, अवैध कोयला खनन के दौरान मजदूर की मौत

रांची : Jharkhand News के तहत राजधानी रांची के खलारी क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। करकट्टा स्थित सीसीएल (CCL) की बंद पड़ी भूमिगत कोयला खदान में अवैध खनन के दौरान खदान की छत धंस गई, जिससे एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बंद खदानों में लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार चल रहा है, लेकिन प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

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मौके पर हुई मजदूर की मौत

मृतक की पहचान खलारी के करकट्टा निवासी 42 वर्षीय रोहित तूरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रोजगार और आर्थिक तंगी के कारण स्थानीय मजदूर बंद पड़ी खदानों में जान जोखिम में डालकर कोयला निकालने का काम करते हैं।

खनन के दौरान अचानक खदान की छत गिर गई, जिसमें रोहित तूरी मलबे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल दो अन्य मजदूरों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची के रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया गया।

अवैध कोयला कारोबार पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, खलारी और आसपास के क्षेत्रों में बंद खदानों से अवैध कोयला निकालने का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। आरोप है कि कुछ माफिया गरीब मजदूरों को मामूली पैसों का लालच देकर खतरनाक खदानों में भेजते हैं और फिर निकाले गए कोयले को ऊंचे दामों पर बाजारों और ईंट-भट्टों में बेचते हैं।

इस पूरे अवैध कारोबार में मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता है। यही वजह है कि ऐसे हादसे लगातार सामने आते रहते हैं।

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सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

नियमों के अनुसार बंद खदानों के मुहानों को पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। इससे अवैध खनन करने वालों को आसानी से प्रवेश मिल जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ऐसे हादसों को दबाने की भी कोशिश की जाती है, ताकि अवैध कारोबार पर सवाल न उठें।

CISF का अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ अभियान

इधर सीआईएसएफ और सीसीएल प्रबंधन द्वारा अवैध कोयला चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। डकरा सीएचपी क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की मदद से छापेमारी कर 806 किलोग्राम अवैध कोयला जब्त किया गया।

इसके अलावा चूरी माइन्स क्षेत्र में भी ड्रोन निगरानी के दौरान अवैध रूप से कोयला ले जा रही कुछ महिलाएं दिखाई दीं। सुरक्षा बल को देखकर सभी लोग कोयला छोड़कर मौके से फरार हो गए। बरामद कोयला बाद में सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया।

ग्रामीणों में नाराजगी

घटना के बाद खलारी क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण गरीब मजदूरों को जान जोखिम में डालकर अवैध खनन करना पड़ता है। अब लोगों की मांग है कि प्रशासन अवैध कोयला सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई करे और मजदूरों के लिए सुरक्षित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करे।