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रांची। राजधानी रांची में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और मानवीय बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। रांची उपायुक्त (DC) ने जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों के प्रबंधकों और प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर कई अहम निर्देश जारी किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा अस्पतालों में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाना था।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन बकाया राशि या अन्य कारणों से शव को नहीं रोकेगा। उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले कुछ समय से राज्य के विभिन्न हिस्सों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि निजी अस्पताल इलाज के बिल भुगतान नहीं होने पर शव को परिजनों को सौंपने में देरी करते हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रांची जिला प्रशासन ने निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोना अत्यंत दुखद स्थिति होती है। ऐसे समय में अस्पतालों द्वारा आर्थिक दबाव बनाना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीज की मृत्यु होने के बाद शव को सम्मानपूर्वक और बिना किसी अनावश्यक बाधा के परिजनों को सौंपा जाए।
बैठक में मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि निजी अस्पतालों को सरकार द्वारा तय नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा। मरीजों को इलाज से जुड़ी सभी जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए तथा बिलिंग प्रक्रिया भी स्पष्ट और व्यवस्थित होनी चाहिए।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। साथ ही आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार देने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
रांची DC ने बैठक में कहा कि जिला प्रशासन लगातार निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर नजर रखेगा। यदि किसी अस्पताल के खिलाफ मरीजों से अधिक राशि वसूलने, इलाज में लापरवाही या शव रोकने जैसी शिकायत मिलती है, तो प्रशासन आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि वे अपने संस्थानों में हेल्प डेस्क और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करें ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में मौजूद निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों और प्रबंधकों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे सभी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा।
कुछ अस्पताल प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों और संसाधनों की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इस पर उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा, लेकिन मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
रांची जिला प्रशासन के इस निर्देश का आम लोगों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि कई बार आर्थिक संकट के कारण परिवार अस्पताल का पूरा बिल तुरंत जमा नहीं कर पाता, ऐसे में शव रोकना अमानवीय कदम होता है। प्रशासन के इस सख्त रुख से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों और मरीजों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन का यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


Bystander (Mukdarshak) In Dis Very World Of Showboat. Worked 4 #RajyaSabhaTV, #VirArjun ETC. Director- Auros MediaTech Convergence Private Limited.