Jharkhand Students Union Election : 9 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ, 61 कॉलेजों में शुरू हुई तैयारी
9 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ
झारखंड में लंबे इंतजार के बाद छात्र राजनीति एक बार फिर सक्रिय होने जा रही है। ताजा Jharkhand Students Union Election अपडेट के अनुसार, विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) में करीब नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे छात्रों और छात्र संगठनों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. इंद्र भूषण शर्मा ने आगामी छात्रसंघ चुनाव 2026 के लिए भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केके गुप्ता को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (Chief Returning Officer) नियुक्त किया है। इसके साथ ही तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
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Jharkhand Students Union Election को लेकर बढ़ा उत्साह
छात्रसंघ चुनाव को लेकर लंबे समय से छात्र संगठनों और विद्यार्थियों में निराशा थी, क्योंकि अंतिम बार वर्ष 2018 में चुनाव आयोजित हुआ था। उसके बाद कई वर्षों तक चुनाव नहीं हो पाए।
अब चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बाद:
- छात्रों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है
- छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं
- संभावित उम्मीदवार तैयारी में जुट गए हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रसंघ चुनाव से कॉलेजों में छात्र नेतृत्व को नया मंच मिलेगा।
दो चरणों में होगा Jharkhand Students Union Election
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
पहला चरण:
- विश्वविद्यालय से संबद्ध और अंगीभूत कॉलेजों में चुनाव होगा
दूसरा चरण:
- विश्वविद्यालय स्तर पर चुनाव कराया जाएगा
चुनाव प्रक्रिया का संचालन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. केके गुप्ता के नेतृत्व में किया जाएगा।
5 जिलों के 61 कॉलेजों में होगा चुनाव
ताजा Jharkhand Students Union Election जानकारी के अनुसार, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों के कुल 61 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव आयोजित होगा।
इन जिलों में चुनाव होंगे:
- रामगढ़
- हजारीबाग
- कोडरमा
- चतरा
- गिरिडीह
इनमें:
- 20 अंगीभूत कॉलेज
- 41 संबद्ध कॉलेज
शामिल हैं।
उम्मीदवारों के लिए 75% उपस्थिति जरूरी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव लड़ने वाले छात्रों के लिए उपस्थिति संबंधी नियम भी लागू किए हैं।
नियम के अनुसार:
- जनवरी से अप्रैल तक की उपस्थिति देखी जाएगी
- उम्मीदवार बनने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी
इसके लिए कॉलेजों से पंजी पुस्तिका विश्वविद्यालय मंगवाई गई है।
Jharkhand Students Union Election में किन पदों पर होगा चुनाव?
जानकारी के अनुसार, छात्रसंघ चुनाव में निम्न पदों के लिए मतदान कराया जाएगा:
- अध्यक्ष
- उपाध्यक्ष
- सचिव
- सह सचिव
छात्र संगठन इन पदों के लिए अपने उम्मीदवारों की तैयारी शुरू कर चुके हैं।

लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइन के तहत होगा चुनाव
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि Jharkhand Students Union Election लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइन के अनुसार कराया जाएगा।
लिंगदोह कमेटी के प्रमुख नियम:
- हर साल छात्रसंघ चुनाव होना चाहिए
- उम्मीदवारों की आयु और उपस्थिति तय सीमा में हो
- चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो
हालांकि पिछले कई वर्षों से इन नियमों के बावजूद चुनाव नहीं हो पाए थे।
छात्रों की समस्याओं को मिलेगा मंच
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से कॉलेजों में छात्र प्रतिनिधित्व कमजोर हो गया था।
इसके कारण:
- छात्रों की समस्याएं सही तरीके से नहीं उठ पाती थीं
- प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच संवाद कम हो गया था
- छात्र राजनीति लगभग समाप्त हो गई थी
अब चुनाव होने से छात्रों को अपनी आवाज उठाने का मंच मिलेगा।
रामगढ़ जिले में भी चुनाव की तैयारी
रामगढ़ जिले में:
- रामगढ़ कॉलेज
- महिला महाविद्यालय
सहित अन्य संबद्ध कॉलेजों में चुनाव होंगे।
जिले के प्रमुख संबद्ध कॉलेज:
- पीटीपीएस कॉलेज
- सीएन कॉलेज सांडी
- जेएम कॉलेज भुरकुंडा
- जूबजी कॉलेज भुरकुंडा
में भी छात्रसंघ चुनाव आयोजित किए जाएंगे।
Jharkhand Students Union Election को लेकर छात्र संगठनों की तैयारी तेज
चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं। कॉलेज परिसरों में:
- बैठकें शुरू हो गई हैं
- सदस्यता अभियान तेज हो गया है
- संभावित उम्मीदवार छात्रों से संपर्क कर रहे हैं
कई छात्र नेताओं का मानना है कि यह चुनाव छात्र राजनीति को नई दिशा देगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Jharkhand Students Union Election को लेकर नौ साल बाद बनी स्थिति ने छात्रों में नया उत्साह भर दिया है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से अब जल्द ही कॉलेजों और विश्वविद्यालय को नए छात्र नेता मिल सकते हैं।
यदि चुनाव तय समय पर संपन्न होते हैं, तो इससे छात्र राजनीति और छात्र हितों को मजबूत मंच मिलने की उम्मीद है।

