Maiya Samman Yojana : वेरिफिकेशन नहीं होने से लाभुकों की बढ़ी चिंता, पंचायतों में पसरा भ्रम

Maiya Samman Yojana वेरिफिकेशन नहीं होने से लाभुक परेशान

Maiya Samman Yojana वेरिफिकेशन नहीं होने से लाभुक परेशान

घाटो (रामगढ़) : रामगढ़ जिले के घाटो क्षेत्र समेत आसपास की कई पंचायतों में Maiya Samman Yojana के लाभार्थियों के बीच इन दिनों चिंता का माहौल बना हुआ है। योजना के तहत होने वाले भौतिक सत्यापन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से सैकड़ों लाभुक परेशान हैं। पंचायत स्तर पर अब तक सत्यापन प्रक्रिया शुरू नहीं होने की बात सामने आ रही है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में Maiya Samman Yojana के वेरिफिकेशन से जुड़ी सूचनाएं तेजी से वायरल हो रही हैं। इन संदेशों में दावा किया जा रहा है कि पंचायत भवनों में पंचायत सहायकों के माध्यम से लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि सत्यापन प्रक्रिया 8 मई से शुरू होकर 15 मई तक चलेगी।

हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। इचाकडीह, सोनडीहा, बड़गांव, केदला मध्य, केदला उत्तरी, लईयो, सारूबेड़ा और बसंतपुर पंचायतों में अभी तक सत्यापन को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी पंचायत कर्मियों तक नहीं पहुंची है। इससे लाभुकों में भ्रम और डर दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

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Maiya Samman Yojana के लाभुकों से मांगे जा सकते हैं ये दस्तावेज

सूत्रों के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की फोटोकॉपी शामिल है। लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

सोनडीहा पंचायत के पंचायत सेवक मिथलेश कुमार महतो और शुभम कुमार ने बताया कि उन्हें इस तरह के किसी सत्यापन अभियान की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं इचाकडीह पंचायत के मुखिया रमेश राम ने भी कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची है।

लाभ से वंचित होने का सता रहा डर

भौतिक सत्यापन को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण Maiya Samman Yojana के लाभार्थियों में भय का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि तय समय के भीतर सत्यापन नहीं हुआ तो वे योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और पंचायत स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।