National Stakeholders Consultation 2026: झारखंड विजन 2050 को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन, IT, AI और निवेश पर सरकार का बड़ा फोकस
नई दिल्ली में आयोजित National Stakeholders Consultation 2026 के दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय परामर्श का उद्देश्य राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए विशेषज्ञों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं के सुझाव जुटाना है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
कार्यक्रम के पहले दिन सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस, निवेश, नवाचार और भविष्य की तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। देश-विदेश की प्रतिष्ठित तकनीकी कंपनियों, शिक्षाविदों, उद्योग संगठनों और नीति विशेषज्ञों ने झारखंड विजन 2050 को लेकर अपने विचार साझा किए।
ज्ञान और नवाचार से बनेगी झारखंड की नई पहचान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड लंबे समय से देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। हालांकि अब राज्य को केवल खनिज संपदा तक सीमित पहचान से आगे बढ़कर ज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार का केंद्र बनने की दिशा में कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता को भी समान महत्व मिले। उनके अनुसार, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा देकर ही राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का संतुलित उपयोग झारखंड को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करेगा।
IT, AI और डिजिटल गवर्नेंस पर विशेषज्ञों ने रखा रोडमैप
National Stakeholders Consultation 2026 के पहले दिन तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने झारखंड में डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस दौरान अग्रणी तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य में मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने, आईटी निवेश को आकर्षित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने और डेटा-संचालित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों का मानना था कि यदि डिजिटल गवर्नेंस, AI और नई तकनीकों को सरकारी सेवाओं एवं औद्योगिक विकास से जोड़ा जाए तो झारखंड आने वाले वर्षों में तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
विभिन्न नई नीतियों के कॉन्सेप्ट पेपर पर मांगे गए सुझाव
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने कई प्रस्तावित नीतियों के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, उद्योगों को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
प्रमुख प्रस्तावित नीतियों में शामिल हैं—
- झारखंड AI पॉलिसी
- झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी
- झारखंड टूरिज्म पॉलिसी
- झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी
- JIADA रेगुलेशंस
- PPP पॉलिसी
सरकार ने उद्योग संगठनों, निवेशकों और विशेषज्ञों से इन नीतियों पर विस्तृत सुझाव आमंत्रित किए ताकि अंतिम स्वरूप तैयार करते समय उन्हें अधिक व्यावहारिक, निवेशक-अनुकूल और रोजगारोन्मुख बनाया जा सके।
B2G संवाद में निवेश और स्टार्टअप पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान Business-to-Government (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत हुई।
इस सत्र में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और भविष्य के निवेश अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी नीतियां तैयार की जाएंगी जो रोजगार सृजन, नवाचार और संतुलित क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा दें।
उद्योग, शिक्षा और सरकार के बीच सहयोग पर जोर
राष्ट्रीय स्तर के इस परामर्श में उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और सरकारी विभागों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों, शोध संस्थाओं और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर राज्य में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जा सकती है। इसके साथ ही डिजिटल स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्तावों और नीतिगत सुधारों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
इसके अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों ने भी चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई और झारखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए अपने सुझाव दिए।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
झारखंड को डिजिटल और औद्योगिक हब बनाने की दिशा में पहल
National Stakeholders Consultation 2026 केवल एक विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य की विकास रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों, डिजिटल गवर्नेंस, निवेश, नवाचार और उद्योगों के सहयोग से राज्य को वर्ष 2050 तक देश के अग्रणी डिजिटल एवं औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस राष्ट्रीय परामर्श में प्राप्त सुझावों को प्रभावी नीतियों में शामिल किया जाता है, तो झारखंड में निवेश, रोजगार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और समावेशी आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है। यही पहल राज्य को खनिज संपदा के साथ-साथ ज्ञान, तकनीक और नवाचार की पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Content Edited & Published By
Niraj Kumar Sharma
Bystander (Mukdarshak) In Dis Very World Of Showboat. Worked 4 #RajyaSabhaTV, #VirArjun ETC. Director- Auros MediaTech Convergence Private Limited.