पूर्व मंत्री Mithilesh Thakur

Popular Posts

Palamu Qila:

Palamu Qila: Reel बनाने की सनक पड़ी भारी, पलामू किला में बाइक एंट्री पर तत्काल रोक, PTR ने लागू किए नए नियम

Palamu Qila: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए जंगलों में रील और वीडियो बनाने का बढ़ता चलन अब पर्यटकों पर भारी पड़ने लगा है। झारखंड के ऐतिहासिक पलामू किला (Palamu Qila) क्षेत्र में कुछ पर्यटकों द्वारा प्रतिबंधित वन क्षेत्र में बाइक लेकर प्रवेश करने और हिरण का पीछा करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने की घटना के बाद पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब पलामू किला क्षेत्र में पर्यटकों की बाइक से आवाजाही पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Palamu Qila:

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

वन विभाग का कहना है कि जंगल मनोरंजन या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने की जगह नहीं, बल्कि वन्यजीवों का प्राकृतिक और सुरक्षित आवास है। ऐसे मामलों से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि पर्यटकों की जान को भी खतरा हो सकता है।

Palamu Qila: सोशल मीडिया वीडियो के बाद लिया गया सख्त फैसला

जानकारी के अनुसार हाल ही में कुछ पर्यटक बाइक लेकर प्रतिबंधित वन क्षेत्र में पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने जंगल में घूम रहे हिरण का पीछा करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए बाइक के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया।

Palamu Qila झारखंड की ऐतिहासिक विरासत

करीब 680 एकड़ क्षेत्र में फैला Palamu Qila झारखंड की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है। इस किले का निर्माण 16वीं-17वीं शताब्दी के दौरान चेरो वंश के शासक राजा प्रताप राय ने कराया था। बाद में राजा मेदिनी राय ने इसका विस्तार कराया, जिससे यह क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बन गया।

यह किला बेतला राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगल और ऐतिहासिक महत्व के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

Palamu Qila:

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Palamu Qila: वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता

PTR प्रशासन का कहना है कि जंगल में बाइक और अन्य निजी वाहनों की आवाज वन्यजीवों के सामान्य व्यवहार को प्रभावित करती है। तेज शोर और मानवीय गतिविधियों के कारण जानवर अपने प्राकृतिक आवास छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं।

पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ, हाथी, भालू, बाइसन, हिरण सहित कई दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। ऐसे में अनियंत्रित पर्यटन और बिना अनुमति जंगल में प्रवेश वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के लिए वन्यजीवों का पीछा करना या उन्हें परेशान करना न केवल अनैतिक है बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन भी है।

Palamu Qila: अब गाइड के साथ ही मिलेगा प्रवेश

PTR प्रशासन द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब बेतला राष्ट्रीय उद्यान, Palamu Qila और आसपास के संवेदनशील वन क्षेत्रों में भ्रमण केवल अधिकृत गाइड की उपस्थिति में ही किया जा सकेगा।

बिना गाइड किसी भी पर्यटक को जंगल क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा प्रतिबंधित वन क्षेत्र में बाइक या अन्य निजी वाहनों के अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह रोक लागू रहेगी।

प्रशासन का कहना है कि इससे पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी और वन्यजीवों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।

Palamu Qila: नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

पलामू टाइगर रिजर्व के निदेशक प्रवेश कांत जेना ने बताया कि यह निर्णय वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने सभी पर्यटकों से जंगल की शांति बनाए रखने, प्लास्टिक एवं कचरा नहीं फैलाने, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के सभी प्रावधानों का पालन करने की अपील की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति नए नियमों का उल्लंघन करता है या वन्यजीवों को परेशान करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Palamu Qila:

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Palamu Qila: जिम्मेदार पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

वन विभाग का मानना है कि नए नियमों से पलामू किला क्षेत्र में जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे जंगल की प्राकृतिक शांति बनी रहेगी, वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे और पर्यटक भी सुरक्षित वातावरण में ऐतिहासिक धरोहर तथा प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।

PTR प्रशासन को उम्मीद है कि इन सख्त नियमों के बाद भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी और Palamu Qila तथा बेतला क्षेत्र में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Content Edited & Published By
Niraj Kumar Sharma