झारखंड में Rajya Karmi Swasthya Bima Yojana Jharkhand का नया अपडेट : बिना अप्रूवल शुरू होगा इलाज
Rajya Karmi Swasthya Bima Yojana Jharkhand बिना अप्रूवल शुरू होगा इलाज
झारखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए संचालित Rajya Karmi Swasthya Bima Yojana Jharkhand में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस योजना के तहत एक बार फिर टाटा एआईजी को बीमा सेवा प्रदाता के रूप में चुना गया है। नई व्यवस्था के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज, प्रभावी और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया है।
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टाटा एआईजी का दोबारा चयन
झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम प्रीमियम दर प्रस्तुत करने के आधार पर टाटा एआईजी का चयन किया गया है। यह अनुबंध एक वर्ष के लिए मान्य रहेगा। इससे पहले भी कंपनी इस योजना का संचालन कर चुकी है।
गंभीर मरीजों को तुरंत मिलेगा इलाज
नई नीति के अनुसार:
- गंभीर और दुर्घटना से पीड़ित मरीजों का इलाज अब बिना प्री-ऑथराइजेशन के तुरंत शुरू किया जा सकेगा
- अस्पतालों को इलाज में देरी नहीं करने का निर्देश दिया गया है
- बीमा कंपनी को 5 घंटे के भीतर प्री-ऑथराइजेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी
यह कदम आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
बड़े अस्पतालों को सूचीबद्ध करना अनिवार्य
इस योजना के तहत बीमा कंपनी को देश के प्रतिष्ठित और बड़े अस्पतालों को नेटवर्क में शामिल करना होगा, ताकि कर्मचारियों को बेहतर इलाज मिल सके।
आयुष उपचार भी होगा शामिल
अब Rajya Karmi Swasthya Bima Yojana Jharkhand के अंतर्गत आयुष पद्धतियों को भी शामिल किया गया है, जैसे:
- आयुर्वेद
- योग एवं नेचुरोपैथी
- यूनानी
- सिद्ध
- होम्योपैथी
- सोवा-रिग्पा
इन सभी में इलाज CGHS दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे खर्च कम रहेगा।
इलाज का खर्च और कवरेज
- सामान्य बीमारियों के लिए: ₹5 लाख तक
- गंभीर बीमारियों के लिए: ₹10 लाख तक
- ₹10 लाख से अधिक खर्च: कार्पस फंड से भुगतान
- ₹20 लाख से अधिक खर्च: समिति की स्वीकृति आवश्यक
प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन का लाभ
योजना के तहत:
- भर्ती से पहले 15 दिनों का खर्च
- भर्ती के बाद 30 दिनों तक का खर्च
कवर किया जाएगा, जिसमें दवाएं, जांच, कंसल्टेशन और फॉलोअप शामिल हैं।
प्रीमियम में नहीं हुआ बदलाव
इतने व्यापक सुधारों के बावजूद राज्य कर्मचारियों को प्रीमियम के रूप में पहले की तरह केवल ₹6000 ही देना होगा।
निष्कर्ष
Rajya Karmi Swasthya Bima Yojana Jharkhand में किए गए ये बदलाव राज्य कर्मचारियों के लिए राहत भरे हैं। खासकर बिना प्री-अप्रूवल इलाज की सुविधा और आयुष को शामिल करना इस योजना को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाता है। यह पहल झारखंड सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।