Ranchi Plane Crash : 8 लाख का कर्ज लेकर बुक की थी एयर एंबुलेंस, चतरा हादसे में पति-पत्नी समेत 7 की मौत

Ranchi Plane Crash

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Ranchi Plane Crash ने झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे चंदवा निवासी संजय प्रसाद की एयर एंबुलेंस चतरा-लातेहार सीमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें मरीज दंपती समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई। यह हादसा एक परिवार की दोहरी त्रासदी बन गया, जिसने पहले होटल आग में सब कुछ खोया और फिर विमान दुर्घटना में अपनों को।

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होटल आग से शुरू हुई दर्दनाक कहानी

जानकारी के अनुसार, लातेहार जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत करियाडीह में एनएच-39 किनारे स्थित संजय प्रसाद का लाइन होटल सह आवास 16 फरवरी को अचानक आग की चपेट में आ गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई।

कुछ ही देर बाद गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में संजय प्रसाद लगभग 65 प्रतिशत झुलस गए। उन्हें तत्काल रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने दिल्ली रेफर कर दिया।

8 लाख रुपये उधार लेकर बुक की एयर एंबुलेंस

परिवार ने संजय के बेहतर इलाज के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से करीब 8 लाख रुपये उधार लिए। इनमें से लगभग 6 लाख रुपये एयर एंबुलेंस बुकिंग में खर्च किए गए। सड़क मार्ग से यात्रा संभव नहीं थी, इसलिए दिल्ली के गंगाराम अस्पताल ले जाने के लिए एयरलिफ्ट का निर्णय लिया गया।

लेकिन किसे पता था कि जीवन बचाने की यह कोशिश Ranchi Plane Crash में बदल जाएगी।

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उड़ान के कुछ देर बाद टूटा संपर्क

सोमवार शाम करीब 7 बजे एयर एंबुलेंस ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। उड़ान भरने के कुछ समय बाद विमान का संपर्क टूट गया। बाद में पता चला कि विमान चतरा और लातेहार की सीमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस भीषण Ranchi Plane Crash में संजय प्रसाद, उनकी पत्नी अर्चना, रिश्तेदार ध्रुव, अस्पताल स्टाफ और क्रू मेंबर सहित कुल सात लोगों की जान चली गई।

दो बच्चे हुए अनाथ

इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। संजय के बड़े भाई विजय ने बताया कि वे उन्हें रांची हवाई अड्डे तक छोड़कर घर लौटे ही थे कि टीवी समाचारों से दुर्घटना की जानकारी मिली। कुछ ही पलों में पूरा परिवार टूट गया।

परिवार के अनुसार, इस हादसे में संजय और उनकी पत्नी दोनों की मौत हो गई, जिससे उनके दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए। परिजनों का कहना है कि यदि रांची में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो एयर एंबुलेंस की जरूरत ही नहीं पड़ती।

प्रशासन मौके पर पहुंचा

Ranchi Plane Crash की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल घटनास्थल पर पहुंचे। मलबे से क्षत-विक्षत शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेजा गया। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

इलाके में शोक की लहर

सतबरवा निवासी प्रकाश कुमार ने बताया कि यह घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। एक परिवार जिसने अपने प्रियजन को बचाने के लिए कर्ज लिया, उसे दोहरी त्रासदी का सामना करना पड़ा।

निष्कर्ष

Ranchi Plane Crash केवल एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की असहनीय पीड़ा की कहानी है। होटल आग से शुरू हुई यह त्रासदी एयर एंबुलेंस हादसे में खत्म हुई, जिसमें सात जिंदगियां चली गईं। अब जांच एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही हैं, जबकि पीछे छूट गए बच्चों और परिवार के लिए यह दर्द हमेशा के लिए याद बन गया है।

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